
निवाड़ी। निवाड़ी-पृथ्वीपुर मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास झांसी-मानिकपुर रेल लाइन के ऊपर बन रहे रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य की तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी अब तक 50 प्रतिशत कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पास आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से 2348.66 लाख रुपये की लागत से 508.36 मीटर लंबे रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। इस कार्य का अनुबंध वंशिका कंस्ट्रक्शन कंपनी, नरसिंहपुर को दिया गया था। निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तिथि 27 दिसंबर 2023 तथा पूर्ण करने की तिथि 26 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई थी। हालांकि निर्धारित अवधि समाप्त हुए लगभग 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अभी आधा भी पूरा नहीं हो पाया है।
वर्तमान स्थिति में निवाड़ी की ओर पुल का कुछ हिस्सा तैयार हो चुका है और रेल लाइन के ऊपर निर्माण कार्य जारी है, जबकि पृथ्वीपुर की ओर का हिस्सा अभी भी अधूरा पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में लंबे समय से निर्माण कार्य होता दिखाई नहीं दे रहा है। निर्माण कार्य की वर्तमान गति को देखते हुए लोगों का अनुमान है कि पुल को पूरा होने में अभी करीब दो वर्ष और लग सकते हैं।
रेलवे फाटक पर घंटों जाम, जोखिम उठाकर निकल रहे वाहन चालक
रेल ओवर ब्रिज निर्माण की धीमी गति के कारण रेलवे फाटक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रेन गुजरने के दौरान लंबे समय तक फाटक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। भीषण गर्मी में यात्री वाहन, स्कूली बच्चे और आम लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं।
निर्माण कार्य के कारण सड़कें भी बदहाल हो चुकी हैं और उड़ती धूल से स्थानीय निवासी परेशान हैं। वहीं कई दोपहिया वाहन चालक फाटक बंद होने के बावजूद जान जोखिम में डालकर रेलवे फाटक के नीचे से वाहन निकालते देखे जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे स्टेशन तिराहे पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
तीसरी लाइन का प्रस्ताव भी अधर में
रेल ओवर ब्रिज का निर्माण पृथ्वीपुर मार्ग से निवाड़ी की ओर किया जा रहा है। दूसरी ओर ग्राम चुरारा से राष्ट्रीय राजमार्ग तक बनने वाला बायपास मार्ग भी लगभग तैयार है। ऐसे में बायपास मार्ग से आने-जाने वाले भारी वाहनों को सर्विस रोड से गुजरने में परेशानी की आशंका है।
इसी समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेल ओवर ब्रिज से ग्राम चुरारा की ओर तीसरी लाइन निर्माण का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई प्रक्रिया शुरू होती दिखाई नहीं दे रही है। इससे लोगों में यह आशंका बढ़ गई है कि तीसरी लाइन का प्रस्ताव अब ठंडे बस्ते में चला गया है।
