नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता–डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में कोई कमी न रहे।

‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के साथ ‘जल महोत्सव’ को जोड़ें। प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनाओं के विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। भीषण गर्मी और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जल आपूर्ति की निरंतर निगरानी करें। जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराएं। जलस्रोतों के लिए केवल ट्यूबवेल पर ही आश्रित न रहें।

जो गांव/ग्राम पंचायतें स्वयं से नल जल योजनाओं का सफल संचालन और रख-रखाव कर रही हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जाए। जल बचाने वाले लोगों और इस अभियान में सहयोग देने वालों को भी राज्य और जिला स्तर पर सम्मानित करें।

उज्जैन राजस्व संभाग सहित 11 जिलों में ‘जल जीवन मिशन’ का 100 प्रतिशत कार्य हो चुका है। प्रदेश के 1.11 करोड़ से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

केंद्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की सहमति मिल चुकी है। राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करें कि सभी नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहें।