
निवाड़ी। नवगठित निवाड़ी जिले में जिला पंचायत का पहला कार्यकाल अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, लेकिन जिला पंचायत के लिए स्वीकृत नवीन भवन का निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है। भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन और बजट स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं होने से जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
वर्ष 2018 में निवाड़ी को जिला घोषित किए जाने के बाद वर्ष 2022 में जिला पंचायत गठन की अनुमति प्राप्त हुई थी। इसके बाद अगस्त 2022 में जिला पंचायत चुनाव संपन्न कराए गए और वर्तमान में जिला पंचायत का कार्यालय शिक्षा विभाग के बीआरसी भवन से संचालित किया जा रहा है। जिला पंचायत के स्थायी भवन के निर्माण के लिए फरवरी 2026 में भूमि आवंटित की जा चुकी है तथा निर्माण के लिए आवश्यक राशि भी स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
फरवरी में मिली थी प्रशासकीय स्वीकृति
पंचायत राज संचालनालय मध्य प्रदेश द्वारा 13 फरवरी 2026 को जारी आदेश के तहत प्रदेश के पांच जिलों—मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पांढुर्णा और दतिया—में जिला पंचायत भवन निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति एवं बजट स्वीकृत किया गया था। जानकारी के अनुसार इनमें से कुछ जिलों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है, जबकि निवाड़ी में प्रक्रिया अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है।
करीब 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत
जिला पंचायत भवन निर्माण के लिए 3 सितंबर 2025 को 9 करोड़ 99 लाख 67 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ 49 लाख 91 हजार 750 रुपये जारी किए गए थे। इसके अलावा 13 फरवरी 2026 को शेष राशि जारी करने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। पर्याप्त वित्तीय स्वीकृति होने के बावजूद निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर सका है।
मुडारा में आवंटित हो चुकी है भूमि
कलेक्टर न्यायालय द्वारा 18 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत मुडारा, तहसील निवाड़ी स्थित खसरा नंबर 569/2630/1/2/6 की भूमि में से 2.00 हेक्टेयर भूमि जिला पंचायत के नवीन कार्यालय भवन निर्माण हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पक्ष में आवंटित की गई थी। भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
कारणों को लेकर अलग-अलग दावे
जिला पंचायत के कुछ सदस्यों का कहना है कि भवन निर्माण का भूमि पूजन मुख्यमंत्री के हाथों प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री का संभावित दौरा दो बार स्थगित होने के कारण भूमि पूजन नहीं हो सका, जिससे निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो पाया।
वहीं कुछ अन्य जनप्रतिनिधियों का दावा है कि जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष होने तथा प्रदेश में भाजपा सरकार होने के कारण राजनीतिक कारणों से प्रक्रिया में विलंब हो रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन या शासन स्तर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जिला पंचायत का पहला कार्यकाल समाप्ति की ओर है और वर्ष 2027 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संभावित हैं। ऐसे में स्वीकृत भूमि और बजट के बावजूद जिला पंचायत भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं।

