
निवाड़ी। देश की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एवं आजादी के बाद सुचिता पूर्ण राजनीति के प्रतीक बने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय दादा पहलवान सिंह यादव की आज 21वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। अपने सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदार कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण दादा पहलवान सिंह यादव आज भी क्षेत्र में आदर्श राजनेता के रूप में याद किए जाते हैं।
स्वर्गीय दादा पहलवान सिंह यादव ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाई थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद शासन द्वारा उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन दिए जाने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए जीवनभर पेंशन लेने से इंकार कर दिया कि उन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किसी लाभ के लिए नहीं किया था। उनके निधन के बाद भी परिवारजनों ने शासन द्वारा दी जाने वाली पेंशन राशि स्वीकार नहीं की। टीकमगढ़ जिले की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सूची में उनका नाम 94वें क्रम पर दर्ज है तथा उन्हें तत्कालीन कलेक्टर द्वारा ताम्रपत्र देकर सम्मानित भी किया गया था।
दादा पहलवान सिंह यादव का जन्म विक्रम संवत 1981 के चैत माह में निवाड़ी जनपद क्षेत्र के ग्राम मकारा में एक सामान्य कृषक परिवार में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और बाद में राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया।
बताया जाता है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय पंडित लालाराम बाजपेई ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के माध्यम से क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मध्यप्रदेश में जनपद पंचायत गठन के बाद वर्ष 1970 में वे जनपद पंचायत निवाड़ी के प्रथम अध्यक्ष निर्वाचित हुए और लगातार 28 वर्षों तक इस पद पर बने रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, विकास कार्यों एवं सिंचाई योजनाओं को बढ़ावा दिया। बरुआ नाले पर बने बांध के निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
वर्ष 1978 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उन्होंने निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और लगभग 55 हजार मत प्राप्त कर उस समय प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सर्वाधिक मत पाने का रिकॉर्ड बनाया, हालांकि वे करीब 3500 मतों से चुनाव हार गए थे।
इसके बाद कांग्रेस संगठन ने उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी, जहां उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। दादा पहलवान सिंह यादव की कार्यकुशलता, ईमानदारी और निष्पक्ष राजनीति के कारण जनपद पंचायत निवाड़ी को विकास कार्यों के लिए शासन से सर्वाधिक बजट आवंटित होता था।
स्वर्गीय दादा पहलवान सिंह यादव का जीवन आज भी स्वच्छ, ईमानदार और जनहितकारी राजनीति का प्रेरणादायी उदाहरण माना जाता है।
