मध्य प्रदेश सरकार ने जारी की विशेष गाइडलाइंस, लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील
भोपाल। प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार के ‘राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन तथा मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम’ और ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन’ (NHM) ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने “स्वस्थ माँ, स्वस्थ बच्चा, खुशहाल परिवार” के संकल्प के साथ नागरिकों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अत्यधिक गर्मी का सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों पर पड़ता है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना आवश्यक है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सलाह
विभाग ने गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ और नींबू पानी पीने की सलाह दी है। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनने तथा दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
इसके अलावा नियमित आराम करने, ठंडे और हवादार स्थान पर रहने तथा चक्कर, सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक थकान होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को बार-बार पानी पिलाने पर जोर दिया है, भले ही उन्हें प्यास न लगी हो। बच्चों को ओआरएस, नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी देने की सलाह दी गई है।
साथ ही बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाने, बाहर जाते समय सिर पर टोपी लगाने और दोपहर की तेज धूप में खेलने से रोकने को कहा गया है। विभाग ने छोटे बच्चों को बंद कमरे या खड़ी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ने की भी चेतावनी दी है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से हीट स्ट्रोक यानी लू के लक्षणों को पहचानने और सतर्क रहने की अपील की है। लक्षणों में तेज बुखार (40 डिग्री सेल्सियस या अधिक), चक्कर आना, उल्टी, त्वचा का लाल और अत्यधिक गर्म होना, अत्यधिक थकान और बेहोशी शामिल हैं।
लू लगने पर तुरंत करें यह उपाय
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत छायादार और ठंडे स्थान पर ले जाएं। तंग कपड़ों को ढीला करें तथा शरीर को ठंडा करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां और पंखे का उपयोग करें। साथ ही पीड़ित व्यक्ति को धीरे-धीरे ओआरएस या ठंडा पानी पिलाने की सलाह दी गई है।