
धार्मिक परंपरा और सुरक्षा का संगम, रामराजा मंदिर में नई माँ जानकी रसोई का शुभारंभ
ओरछा। विश्व प्रसिद्ध श्री रामराजा सरकार मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं प्रसादी निर्माण व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से निर्मित नई माँ जानकी (सीता) रसोई का शुक्रवार को विधि-विधान, मंत्रोच्चार, पूजन एवं हवन के साथ शुभारंभ किया गया। तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के समापन अवसर पर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने हवन एवं पूर्णाहुति के बाद नई रसोई का शुभारंभ किया।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने बताया कि मंदिर की पुरानी रसोई में सीमित स्थान होने के कारण प्रसाद एवं भोग निर्माण में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नई जानकी रसोई का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रसादी निर्माण की व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन भगवान श्री रामराजा सरकार के लिए भोग नई जानकी रसोई में तैयार किया जाएगा। वहीं परंपरानुसार पुराने रसोईघर में भगवान का बाल भोग, राजभोग एवं ब्यारी प्रसाद बनाया जाता रहेगा। इसके अतिरिक्त लड्डू, विशेष अवसरों की प्रसादी तथा भंडारों के लिए अन्न प्रसाद का निर्माण भी नई रसोई में किया जाएगा।
आचार्य वीरेंद्र विदुआ ने बताया कि नई रसोई का निर्माण धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए सुरक्षा ऑडिट में मंदिर परिसर के भीतर एलपीजी गैस एवं घी के भंडारण को गंभीर सुरक्षा जोखिम बताया गया था। नई रसोई के तैयार होने से इन सामग्रियों का भंडारण अब मंदिर के मुख्य गर्भगृह क्षेत्र से बाहर किया जाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
मंदिर प्रबंधन एवं जिला प्रशासन की देखरेख में निर्मित इस नई जानकी रसोई से प्रसाद निर्माण की व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं व्यवस्थित होगी। शुभारंभ अवसर पर सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना, एसडीएम सुश्री मनीषा जैन सहित अनेक अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

