
तरीचरकलां। पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन एवं उनके साथियों की शहादत की याद में नगर में मोहर्रम का पर्व श्रद्धा, आस्था और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम समाज की आपसी एकता और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नगर में दोनों समुदायों की सहभागिता के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच युवाओं ने पारंपरिक करतब प्रस्तुत करते हुए इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गड़कुंडार स्थित सिंदूर सागर तालाब पहुंचा, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों का विसर्जन किया गया।
मोहर्रम के अवसर पर ताजिया विसर्जन में बड़ी संख्या में हिंदू एवं मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लेकर सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया। पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
इस अवसर पर युसूफ खान, सुशील रावत, शकूर खान, सलीम खान, सोनू खान, कमलेश कुशवाहा, खुमान कुशवाहा, कैलाश सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

