
वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी, अतिक्रमण और मुआवजा वितरण में देरी को बताया जा रहा कार्य रुकने का कारण
निवाड़ी। झांसी-मानिकपुर रेल लाइन पर निवाड़ी रेलवे स्टेशन के समीप निवाड़ी-पृथ्वीपुर सड़क मार्ग पर निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज का कार्य पिछले लगभग चार माह से बंद पड़ा है। निर्माण कार्य बंद होने के साथ ही कलेक्ट्रेट कार्यालय से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाला मार्ग बारिश के चलते दलदल में तब्दील हो गया है। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले दोपहिया, चार पहिया वाहन, ई-रिक्शा चालकों सहित स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य क्यों बंद है और इसे दोबारा कब शुरू किया जाएगा, इसकी स्पष्ट जानकारी जिले के अधिकारियों के पास भी नहीं है। बताया जा रहा है कि रेल लाइन से पृथ्वीपुर मार्ग की ओर अभी कुछ अतिक्रमण शेष है, जिसके चलते निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं अतिक्रमण हटाने के बाद मुआवजा राशि के वितरण में हो रही देरी को भी कार्य रुकने का एक कारण बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
दरअसल, निवाड़ी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग एक दर्जन ट्रेनों का आवागमन होता है। ट्रेनों के गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं और जाम की स्थिति निर्मित होती थी। इसी समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। करीब दो वर्ष पूर्व शुरू हुए इस निर्माण कार्य का एक बड़ा हिस्सा अब तक पूरा हो चुका है, लेकिन पिछले चार माह से कार्य ठप पड़ा है।
कलेक्ट्रेट कार्यालय के नवीन भवन से रेल लाइन तक रेल ओवरब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं रेलवे लाइन के ऊपर रेलवे विभाग द्वारा अपने हिस्से का निर्माण कार्य भी पूरा किया जा चुका है। अब रेल लाइन से पृथ्वीपुर मार्ग की ओर होने वाले हिस्से का निर्माण कार्य शेष है, जो पिछले करीब चार माह से बंद है।
23 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की लागत से हो रहा निर्माण
जानकारी के अनुसार झांसी-मानिकपुर रेल लाइन पर निवाड़ी रेलवे स्टेशन के समीप बन रहे रेल ओवरब्रिज की कुल लागत लगभग 2348.66 लाख रुपये है। पुल की लंबाई 508.360 मीटर बताई गई है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तिथि 27 दिसंबर 2023 निर्धारित की गई थी, जबकि अनुबंध के अनुसार इसे 26 अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाना था। बताया जाता है कि निर्माण एजेंसी के परिवार में हुई दुखद घटना के कारण कार्य निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका और सितंबर 2024 में निर्माण कार्य शुरू किया गया। इसके बाद निर्धारित समय सीमा भी लगभग चार माह पूर्व समाप्त हो चुकी है, लेकिन पुल का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
अतिक्रमण हटाने में देरी से प्रभावित हुआ निर्माण
रेल ओवरब्रिज के निर्माण के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय से रेल लाइन तक अतिक्रमण हटाए जाने के बाद कार्य शुरू किया गया था। इस हिस्से में निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं रेल लाइन से पृथ्वीपुर मार्ग की ओर भी काफी हद तक अतिक्रमण हटाया जा चुका है, लेकिन अभी कुछ अतिक्रमण शेष बताया जा रहा है। इसी के चलते निर्माण कार्य रुके होने की चर्चा है। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित लोगों को मिलने वाली मुआवजा राशि के वितरण में देरी की बात भी सामने आ रही है।
फिलहाल निर्माण कार्य बंद होने के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के चलते सड़क पर कीचड़ और दलदल की स्थिति बनने से वाहन चालकों के लिए यहां से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू कराकर सड़क को आवागमन के योग्य बनाया जाना आवश्यक है, ताकि लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।

