
बंडा के तीन गांवों में मौतों के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज, पहले 3 आबकारी अधिकारी हुए थे निलंबित
भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अब बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले मामले में तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित तथा एक अधिकारी को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया जा चुका है।
बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में नकली शराब पीने से लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
तीन आबकारी अधिकारी पहले ही निलंबित
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया था। वहीं उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया था।
अब पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले में अब तक कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
सीएम ने कहा- किसी दोषी को नहीं बख्शेंगे
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रभावित परिवारों से मिले वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
नकली शराब से मौतों के इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। अब पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद जांच में आगे और किन लोगों की भूमिका सामने आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अब बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले मामले में तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित तथा एक अधिकारी को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया जा चुका है।
बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में नकली शराब पीने से लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
तीन आबकारी अधिकारी पहले ही निलंबित
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया था। वहीं उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया था।
अब पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले में अब तक कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
सीएम ने कहा- किसी दोषी को नहीं बख्शेंगे
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रभावित परिवारों से मिले वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
नकली शराब से मौतों के इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। अब पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद जांच में आगे और किन लोगों की भूमिका सामने आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

