
निवाड़ी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी निवाड़ी नगर में भगवान को जलविहार कराने की परंपरा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ निभाई गई। नगर के तीन प्रमुख मंदिरों से भगवान को विमान में विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
जलविहार की यह परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के द्वापर युग से चली आ रही मानी जाती है। निवाड़ी नगर में भी यह परंपरा वर्षों पुरानी है। परंपरा के तहत वार्ड क्रमांक 8 स्थित श्री लखनलाल जी मंदिर, पुरानी बजरिया स्थित नापित समाज के मंदिर तथा नगर के प्रमुख आस्था केंद्र श्री खंदिया वाले हनुमान जी मंदिर से भगवान को विमान में विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। इसके बाद बड़े तालाब पर भगवान को जलविहार कराया गया।
गहोई समाज के श्री लखनलाल जी मंदिर से भगवान को विशेष साज-सज्जा के साथ विमान में विराजित किया गया। इसके बाद विमान को नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण कराया गया। पुरानी बजरिया सहित अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। जलविहार की धार्मिक रस्म पूरी होने के बाद भगवान को पुनः मंदिर में विराजित किया गया।
इस अवसर पर गहोई समाज के अध्यक्ष शंकर लाल बडोनिया, अशोक गुप्ता, सुधीर गुप्ता, संतोष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

