
निवाड़ी। नगर में बढ़ते यातायात दबाव और आए दिन बनने वाली जाम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने मोटरयान नियम-1994 के नियम 25 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निवाड़ी रेलवे स्टेशन से निवाड़ी तिगैला तक के मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए हैं।
1 अक्टूबर से लागू होगा आदेश
जारी आदेश के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से आगामी आदेश तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रेलवे स्टेशन से तिगैला तक के मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन के अनुसार यह मार्ग अपेक्षाकृत सकरा है और आसपास शासकीय कार्यालय, स्कूल, कॉलेज सहित अन्य संस्थान संचालित होने के कारण दिनभर यातायात का दबाव बना रहता है। भारी वाहनों के आवागमन से जाम एवं यातायात अवरोध की स्थिति बनने को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
जरूरी वाहनों को प्रतिबंध से छूट
आदेश में आपातकालीन एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इनमें पेट्रोल-डीजल एवं गैस टैंकर, स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित वाहन, शासकीय वाहन, दूध एवं फल-सब्जी परिवहन करने वाले वाहन तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन शामिल हैं। अन्य आकस्मिक एवं आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी आवश्यकता के अनुसार प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
पुलिस तय करेगी आवश्यक वाहनों का मार्ग
आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों की आवाजाही के लिए पुलिस यातायात विभाग द्वारा पृथक व्यवस्था और मार्ग निर्धारित किया जाएगा, ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले आवश्यक वाहनों के दस्तावेज, पंजीयन, बीमा, फिटनेस तथा चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में केवल अत्यंत आवश्यक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और ऐसे वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने का प्रयास रहेगा।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया निर्णय
यह निर्णय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर किए गए विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य नगर में यातायात को व्यवस्थित करने, आमजन के आवागमन को सुगम बनाने तथा संभावित दुर्घटनाओं एवं यातायात अवरोध को कम करना है।
संबंधित अधिकारियों को आदेश का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, यातायात व्यवस्था को लेकर प्राप्त सूचनाओं और परिस्थितियों के आधार पर भविष्य में आदेश में आवश्यक संशोधन भी किया जा सकेगा।

