VB-G RAM-G अधिनियम
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भारत के ग्रामीण विकास का सफर दशकों से कई भील के पत्थर पार कर चुका है। महाराष्ट्र की रोजगार गारंटी योजना, स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना और 2005 में लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) ने अपने-अपने समय की विकासात्मक जरूरतों को पूरा किया। 2025 में पारित विकसित भारत-गैरंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (VB-G RAM-G) इस परम्परा को नहीं तोड़ता, बल्कि उसे एक अधिक महत्वाकांक्षी चरण में ले जाता है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को केवल “सुरक्षा जाल” से “आर्थिक पुनरुद्धार के इंजन” में बदलने का लक्ष्य रखता है।
नए ढाँचे की मूलभूत सोच में एक सरल परन्तु शक्तिशाली परिवर्तन निहित है। पहले के रोजगार कार्यक्रम मुख्यतः संकट-ग्रस्त और मौसमी बेरोज़गारी के विरुद्ध अस्थायी राहत प्रदान करने के लिये तैयार किए गये थे। VB-G RAM-G इस कानूनी रोजगार गारंटी को बरकरार रखते हुए उसके विकासात्मक उद्देश्य को व्यापक बनाता है। अधिनियम के तहत गारंटी के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा में उल्लेखनीय मजबूती आती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक कार्य दिवस को स्थायी और उत्पादक संपत्तियों के निर्माण से जोड़ा गया है, जिससे गाँव की आर्थिक क्षमता दीर्घकालिक रूप से बढ़ेगी।
इसलिए इस नई व्यवस्था को MGNREGA का ‘रोल-बैंक नहीं, बल्कि “अपग्रेड” माना जाना चाहिए। कार्य की गारंटी बरकरार है; बेरोज़गारी भत्ता, समय-बद्ध वेतन, सामाजिक ऑडिट और बैंक खातों में सीधे लाभ हस्तांतरण जैसी कानूनी सुविधाएँ वही हैं, और मौजूदा जॉब कार्डधारक सहजता से नए सिस्टम में स्थानांतरित हो जाएंगे। परिवर्तन केवल विकासात्मक दृष्टिकोण की पैमाने और महत्वाकांक्षा में है।
2026 की ग्रामीण अर्थव्यवस्था 2005 के ग्रामीण भारत से मौण भारत से मूलतः अलग है। आज गाँव सड़कों, बैंकिंग, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों से बेहतर जुड़े हुए हैं। ग्रामीण आकांक्षाएँ भी बदल गई हैं। केवल रोजगार सृजन अब पर्याप्त नहीं रहा। समुदायों को उत्पादक बुनियादी ढाँचा, जलवायु-सहिष्णुता, मूल्य-वर्धन और विविध आय-स्रोतों की आवश्यकता है। VB-G RAM-G अधिनियम इस परिवर्तन को पहचानते हुए ग्रामीण विकास को विकसित भारत @2047 की राष्ट्रीय दृष्टि के साथ संरेखित करता है।
अधिनियम की सबसे परिवर्तनकारी विशेषता उत्पादक ग्रामीण संपत्ति निर्माण पर केंद्रित चार प्रमुख स्तंभ हैं – जल सुरक्षा, कोर ग्रामीण बुनियादी ढाँचा, आजीविका-संबंधी बुनियादी ढाँचा और जलवायु-सहिष्णुता। इन स्तंभों के तहत जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण बाजार, भंडारण सुविधाएँ, मत्स्य-पालन, नवीनीकृत ऊर्जा, बाढ़-रोक, स्वच्छता और कृषि-प्रसंस्करण जैसी संरचनाएँ एक साथ निर्मित होंगी। ऐसी निवेशों से कृषि उत्पादन में वृद्धि, पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान में कमी, स्थानीय उद्यमिता के अवसर और बाजार तक बेहतर पहुँच संभव होगी। जलवायु-सहिष्णु बुनियादी ढाँचा बार-बार होने वाली आपदाओं से गाँवों को सुरक्षित रखेगा, जिससे कृषि, सहायक उद्योग, ग्रामीण सेवाएँ और छोटे-स्तर के उद्यमों में गुणात्मक बहुगुणक प्रभाव उत्पन्न होगा।
पहले के कई योजनाओं की तरह अलग-अलग कार्य करने के बजाय, VB-G RAM-G एकीकृत योजना-आधारित ढाँचा पेश करता है। प्रत्येक ग्राम पंचायत विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसमें स्थानीय जरूरतों के अनुसार सभी केंद्र और राज्य योजनाओं के फंड को एक ही योजना में समेकित किया जाएगा। इस “एक योजना, कई फंड” मॉडल से खर्च का दोहराव समाप्त होगा और गाँव-स्तर पर संतृप्ति-आधारित विकास सुनिश्चित होगा। इस प्रकार ग्रामीण रोजगार खर्च अब केवल उपभोग नहीं, बल्कि दीर्घकालिक उत्पादकता में सार्वजनिक निवेश के रूप में माना जाएगा।
साथ ही अधिनियम में प्रौद्योगिकी संचालित शासन सुधार भी सम्मिलित हैं। बायो-मैट्रिक-आधारित हाजिरी, कार्यस्थलों का जियो टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड, सार्वजनिक खुलासे और सुदृढ़ सामाजिक ऑडिट पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाएंगे। समय-बद्ध वेतन भुगतान और देरी पर मुआवजा कार्यकर्ता सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, जबकि प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाएगा। प्रशासनिक खर्च को 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन क्षमता और पेशेवर प्रबंधन को बल मिलेगा।
VB-G RAM-G अधिनियम का बड़ा महत्व यह है कि यह कल्याण और विकास के बीच के संबंध को पुनः परिभाषित करता है। पहले के रोजगार गारंटी कार्यक्रम मुख्यतः गरीबी निवारण पर केंद्रित थे; नया ढाँचा संरचनात्मक कारणों को समाप्त करने के लिये स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़, बुनियादी ढाँचा मजबूत और उत्पादक आजीविका-इकोसिस्टम बनाता है। इस प्रकार यह पिछले कार्यक्रमों की भावना को आगे बढ़ाते हुए, उभरते भारत की वास्तविकताओं के अनुरूप ढालता है।
भारत की ग्रामीण परिवर्तन कथा हमेशा संस्थागत निरंतरता के माध्यम से विकसित हुई है, न कि अचानक टूटन से। VB-G RAM-G इस निरंतरता का अगला चरण है-काम की गारंटी से लेकर दीर्घकालिक ग्रामीण समृद्धि की गारंटी तक। यह कदम न केवल ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि राष्ट्रीय विकास की दिशा को भी तेजी से आगे बढ़ाएगा।
