मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से निर्मित होमस्टे में ग्रामीण संस्कृति का अनुभव ले सकते हैं पर्यटक

प्रत्येक वर्ष 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) मनाया जाता है। यह दिवस वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व को रेखांकित करने और संग्रहालयों की भूमिका को समाज में स्थापित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसी क्रम में संचालनालय, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल (मप्र) द्वारा अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। संचालनालय के आदेश अनुसार 18 मई 2026 को मध्यप्रदेश शासन के अधीन सभी संग्रहालयों एवं स्मारकों में पयर्टकों के लिए नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। जिसका उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को इतिहास, संस्कृति एवं धरोहर स्थलों के प्रति जागरूक करना है।

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर निवाड़ी जिले के ओरछा स्थित राज्य संरक्षित इमारतें एवं गढ़कुंडार स्थित किला परिसर में भी पयर्टकों के लिए निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। ओरछा, जो कि बुंदेला स्थापत्य कला और इतिहास का प्रमुख केंद्र रहा है, अपनी भव्य इमारतों, मंदिरों और राजाओं के महलों के लिए प्रसिद्ध है। वहीं गढ़कुंडार किला, मध्यकालीन भारतीय इतिहास की वीरगाथाओं का प्रतीक है।

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर पर्यटक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से बने विभिन्न होमस्टे का भी भ्रमण कर सकते हैं। ग्रामीण होमस्टे का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण जीवनशैली का वास्तविक अनुभव देना और स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पर्यटक इन होमस्टे का भ्रमण कर ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति, लोक परंपराएं, हस्तशिल्प और खानपान से परिचित हो सकते हैं। यह पहल न केवल पर्यटन को एक नया आयाम देती है, बल्कि सतत विकास और स्थानीय भागीदारी को भी बढ़ावा देती है।

निवाड़ी जिले के प्रमुख आकर्षण:

  1. श्री राम राजा मंदिर –
    यह मंदिर भगवान राम को राजा के रूप में पूजने के लिए प्रसिद्ध है। अनूठी परंपराओं और भव्य आरती के लिए यह लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता इसे ओरछा का प्रमुख केंद्र बनाती है।
  2. जहांगीर महल –
    जहांगीर महल ओरछा की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है। यह महल मुगल और बुंदेला वास्तुकला के संगम का प्रतीक है। इसके भव्य द्वार, गुंबद और नक्काशीदार दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
  3. चतुर्भुज मंदिर –
    चतुर्भुज मंदिर अपने अद्भुत वास्तुशिल्प और ऊंचे शिखर के लिए प्रसिद्ध है। भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर ओरछा की धार्मिक आस्था और स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  4. छतरियां –
    बेतवा नदी के किनारे स्थित छतरियां बुंदेला शासकों की स्मारक हैं, जो उनकी स्थापत्य कला और वैभव को दर्शाती हैं। छतरियों का शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है। बेतवा नदी के समीप इन छतरियों का प्रतिबिंब पानी में दिखाई देता है।
  5. राय प्रवीण महल –
    राय प्रवीण महल ओरछा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। यह महल नृत्यांगना राय प्रवीण की कला और सुंदरता का स्मारक है। इसका शांत वातावरण और वास्तुकला दर्शनीय है।