जल स्रोतों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए चलाए जा रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ के तहत जनपद पंचायत निवाड़ी में सामुदायिक सहभागिता की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है।
अभियान के अंतर्गत 15 मई 2026 को ग्राम पंचायत पुछीकारगुआ स्थित ऐतिहासिक चंदेली तालाब में ग्रामीणों के जनसहयोग से व्यापक स्तर पर गहरीकरण और गाद (मिट्टी) निकालने का कार्य किया गया।
एक पंथ दो काज: जल संरक्षण के साथ खेतों की बढ़ेगी ताकत
इस अभियान ने न सिर्फ तालाब की जलधारण क्षमता को बढ़ाने का काम किया, बल्कि स्थानीय किसानों की किस्मत भी संवारी। गहरीकरण के दौरान तालाब से निकली सैकड़ों ट्रॉली अत्यंत उपजाऊ गाद (मिट्टी) को आसपास के किसानों ने सहर्ष अपने खेतों में डाला। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्राकृतिक मिट्टी से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी, जिससे आगामी फसलों की गुणवत्ता और पैदावार में भारी इजाफा होगा।
सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी
तालाब की सूरत बदलने के इस पुनीत कार्य में प्रशासनिक अमले से लेकर जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कंधे से कंधा मिलाकर श्रमदान किया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत निवाड़ी, ए.पी.ओ. (मनरेगा) एवं सहायक यंत्री, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक, सृजन संस्था के प्रतिनिधि, पुछीकारगुआ के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने संयुक्त श्रमदान किया।
भविष्य के लिए ली ‘जल शपथ’
श्रमदान के पश्चात उपस्थित समस्त प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों ने जल की एक-एक बूंद को सहेजने और पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लेते हुए सामूहिक ‘जल शपथ’ ली।
“जल ही जीवन है और इसका संरक्षण हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है। पुछीकारगुआ के ग्रामीणों ने जनसहयोग की जो मिसाल पेश की है, वह अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है।”
इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन और जनता मिलकर प्रयास करते हैं, तो जल संकट जैसी बड़ी चुनौतियों को भी मात दी जा सकती है। चंदेली तालाब का यह नया स्वरूप आने वाले मानसून में जल स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा।
