चुनाव से हटने का ऐलान करते हुए TMC नेता जहांगीर ने कहा-
___________________________________________
” मैं फालता का बेटा हूं और चाहता हूं कि यहां शांति बनी रहे और यह तरक्की करे। CM शुभेंदु यहां के लिए स्पेशल पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए मैं चुनाव से खुद को अलग कर रहा हूं।
पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर के फैसले पर कहा-
” उनके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था, क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट तक नहीं मिलेगा। इसलिए उन्होंने चुनाव से भागने का फैसला किया।
TMC बोली- जहांगीर का नाम वापस लेना उनका निजी फैसला
TMC ने पूरे मामले पर कहा है कि जहांगीर खान का चुनाव से हटने का फैसला उनका निजी है, यह पार्टी का फैसला नहीं है।
पार्टी ने X पर बयान जारी कर लिखा- 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद फालता सीट पर हमारे 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। भारी दबाव के बावजूद हमारे कार्यकर्ता भाजपा की डराने की राजनीति का मुकाबला कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोग दबाव में आकर मैदान छोड़ गए। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं
फालता सीट राजनीतिक रूप से अहम क्यों?
फालता सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसका प्रतिनिधित्व ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी करते हैं। इसी वजह से यह सीट राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।
जहांगीर खान फालता में एक प्रभावशाली और बाहुबली नेता के तौर पर जाने जाते हैं। उन्हें अभिषेक का करीबी माना जाता है। अभिषेक ने इस सीट पर भाजपा को हराने का चैलेंज दिया था। उन्होंने कहा था-भाजपा दस जन्मों में भी फालता सीट नहीं जीत पाएगी।
EVM पर जहांगीर ही रहेंगे TMC उम्मीदवार, 3 सवाल-जवाब में जानिए चुनावी पेंच
- क्या TMC दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतार सकती है? फालता में नॉमिनेशन और नाम वापस लेने की समय सीमा खत्म हो चुकी है। 19 मई को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान ने भले ही अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी हो, लेकिन आधिकारिक तौर पर चुनाव से नाम वापस लेना संभव नहीं है। ऐसे में वे अब भी TMC के उम्मीदवार कहलाएंगे। पार्टी दूसरे उम्मीदवार को चुनावी मैदान में नहीं ला सकती।
- क्या लोग चुनाव में TMC को वोट नहीं कर पाएंगे? EVM में पार्टी और उम्मीदवारों के नाम और सिंबल में कोई बदलाव नहीं होगा। नियमों के अनुसार, चुनाव वाले दिन EVM पर TMC के चुनाव चिन्ह के साथ जहांगीर खान की फोटो और उनका ही नाम रहेगा। हालांकि, जहांगीर खान या कोई TMC कार्यकर्ता मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।
- अगर TMC उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिले तो कौन जीतेगा? सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अश्वीनी दुबे ने बताया कि
इस पर चुनाव आयोग का फैसला ही अंतिम होगा। भले ही TMC उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिले, लेकिन चुनाव आयोग उसे अमान्य घोषित कर सकता है। जहांगीर वोटिंग में ज्यादा मतदान मिलने पर जीत का दावा भी कर सकते हैं।
BJP को प्रचंड बहुमत, फालता सीट पर प्रचार से TMC की दूरी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे। भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 293 सीटों में 207 सीटों पर कब्जा किया और पहली बार राज्य में सरकार बनाई। पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया है।
फालता में 4 मई से चुनाव प्रचार शुरू हुए। हालांकि, इस दौरान TMC उम्मीदवार जहांगीर खान या पार्टी के बड़े नेताओं ने कोई रैली या सार्वजनिक सभा नहीं की। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं पहुंचे।
