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निवाड़ी। गंगा दशहरा (25 मई 2026) के अवसर पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में “जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। अभियान के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन ने विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत पुरानी जल संरचनाओं, तालाबों, बावड़ियों और अमृत सरोवरों की साफ-सफाई, गहरीकरण एवं श्रमदान कार्य किए जाएंगे।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशानुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री रोहन सक्सेना ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रातःकाल श्रमदान कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं प्रत्येक जनपद पंचायत में सांसद, विधायक एवं पंचायत पदाधिकारियों की मौजूदगी में तीन वृहद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जनपद पंचायत निवाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत घूघसी में चंदेली तालाब गहरीकरण, लाडपुरा में घाट सफाई तथा चुरारा में परमार्थ संस्था के सहयोग से तालाब गहरीकरण कार्य होगा। जनपद पंचायत पृथ्वीपुर में मडिया के अछरूमाता मंदिर तालाब, ककावनी के बिहारीजी मंदिर तालाब तथा चिकटागुलेदा के खजानची तालाब पर गहरीकरण एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नगरीय निकायों में भी प्रत्येक वार्ड स्तर पर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और घाटों की साफ-सफाई कराई जाएगी। नगर परिषद निवाड़ी के अरजार तालाब, ओरछा के कंचना घाट बेतवा नदी, तरीचरकलां के चैकडेम, पृथ्वीपुर के राधा सागर तालाब अमृत पार्क तथा जेरोन खालसा के सानेरा तालाब पर वृहद कार्यक्रम होंगे।
ओरछा के कंचना घाट पर संध्या समय विशेष गंगा आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। तहसीलदार ओरछा को गंगा आरती का नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था मुख्य नगर परिषद अधिकारी ओरछा, जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान में स्वयं सहायता समूहों की दीदियों, जन अभियान परिषद, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विभिन्न ग्रामों में कलश यात्राएं भी निकाली जाएंगी। सृजन संस्था द्वारा चचावली, सियाखास, कुडार और गोरा में श्रमदान एवं दोहा मॉडल कार्य किया जाएगा, जबकि परमार्थ संस्था चुरारा, बहेरा, मथुरापुरा और काछीपुरा में तालाब श्रमदान एवं कलश यात्रा आयोजित करेगी।
इसके अलावा जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, राजस्व, खनिज, लोक निर्माण विभाग, उद्योग विभाग सहित अन्य विभागों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जनसंपर्क विभाग को अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।