निवाड़ी। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के निर्देशानुसार बुधवार को ग्राम पंचायत सेंदरी में “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के तहत रात्रि जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया एवं विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर निराकरण किया।
चौपाल के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किए गए।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का लाभ दिलाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदन पत्रों की निष्पक्ष जांच कर पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसलिए गांवों में चौपाल आयोजित की जा रही हैं।
कलेक्टर ने नवीन शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों से बच्चों का शासकीय विद्यालयों में नामांकन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी से निकलने वाले बच्चों का प्रथम कक्षा में प्रवेश अवश्य कराया जाए तथा बच्चों को नियमित विद्यालय भेजा जाए।
उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण एवं स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि जल स्रोतों की साफ-सफाई, मरम्मत, सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों से जल संरक्षण में जनभागीदारी निभाने और गांव को स्वच्छ रखने की अपील भी की गई।
पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना एवं चौकी प्रभारियों को रात्रि गश्त और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने छोटे विवादों को आपसी समझाइश एवं राजस्व अधिकारियों के माध्यम से सुलझाने की बात कही।
सीएमएचओ डॉ. अनिल झमनानी ने बताया कि जिले में 14 वर्ष की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से सभी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराने की अपील की।
चौपाल के दौरान कलेक्टर द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत बालिकाओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग के 38, जल निगम के 7, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के 2, सामाजिक न्याय का 1, विद्युत विभाग के 3, पुलिस विभाग के 2, उद्योग विभाग का 1, जल संसाधन का 1, खाद्य विभाग का 1 तथा शिक्षा विभाग का 1 आवेदन शामिल है। सभी आवेदन संबंधित विभागों को निराकरण के लिए भेज दिए गए हैं।