

निवाड़ी। नगर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हरिहर मिलन महोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास स्वामी दीनबंधु दास जी महाराज ने धर्म, भक्ति, संतत्व एवं पुरुषोत्तम मास की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिए।
स्वामी दीनबंधु दास जी महाराज ने कहा कि भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए मन में दया और दान का भाव होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव के प्रति करुणा और दानशीलता रखने वाले व्यक्ति पर भगवत कृपा अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि धर्म कभी परिवर्तित नहीं होता, बल्कि धर्म मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
पुरुषोत्तम मास की महिमा का किया वर्णन
कथा व्यास ने पुरुषोत्तम मास का महत्व बताते हुए कहा कि इस मास में किया गया पुण्य कार्य सामान्य दिनों की अपेक्षा सौ गुना अधिक फलदायी होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से तीर्थ यात्रा, पवित्र नदियों में स्नान, संतों को भोजन कराने तथा घी का दीपक जलाने का आग्रह किया।
उन्होंने वृंदावन धाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वहां की रज आज भी पवित्र है, क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण के चरण वहां पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यमुना का जल और गिरिराज पर्वत भी भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप हैं।
सत्संग से सुधरता है मनुष्य का स्वभाव
स्वामी दीनबंधु दास जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को ऐसे कर्म करना चाहिए जिससे जीते जी उसका कल्याण हो जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धा सदैव जीवित रहती है और जिसके हृदय में श्रद्धा होती है, भगवान स्वयं उसका कल्याण करते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान के नाम, लीला, रूप और धाम का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान का नाम ही सबसे सरल एवं सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि जहां भगवान का संकीर्तन होता है, वहां स्वयं भगवान का वास होता है।
उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा में राजा परीक्षित एवं महाभारत प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में भगवान की कथा सुनना, कीर्तन करना और स्मरण करना ही मनुष्य के उद्धार का सबसे सरल मार्ग है।
श्रद्धालुओं ने लिया कथा श्रवण का लाभ
कथा के दौरान रोहित रिछारिया का भी विशेष सानिध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन से भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
कार्यक्रम में अजीत नारायण तिवारी, रमाकांत नायक, राम अवतार तिवारी, प्रभुदयाल मिश्रा, जगदीश पटैरिया, अरविंद नायक, व्ही.के. पुरोहित, राजेश पटेरिया, महेंद्र तिवारी, विवेक चतुर्वेदी, मुकेश तिवारी, मुकेश दुबे, जनसंपर्क अधिकारी हर्ष लहारिया एवं प्रिंस सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
