
विद्यार्थी परिषद से राज्यसभा सदस्य तक का सफर…
निवाड़ी। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी महेश केवट का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। इस घटनाक्रम से मध्य प्रदेश भाजपा के साथ-साथ निवाड़ी जिले और भगवान श्री रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में उत्साह का माहौल है।
भाजपा ने 7 जून को महेश केवट को राज्यसभा का तीसरा प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने 8 जून को नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रारंभ में उनके निर्वाचित होने को लेकर संशय बना हुआ था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के बाद अब उनका राज्यसभा जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है।
महेश केवट के राज्यसभा सदस्य बनने के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र को पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है। क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक वर्गों में इसे ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
निवाड़ी जिले को मिलेगा तीनों सदनों में प्रतिनिधित्व
महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने के बाद निवाड़ी जिला लोकतंत्र के तीनों सदनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। लोकसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि विधानसभा में विधायक अनिल जैन लगातार तीसरी बार जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब राज्यसभा में भी जिले की मौजूदगी महेश केवट के माध्यम से सुनिश्चित होगी।
निष्कासन से राज्यसभा तक का रहा रोचक राजनीतिक सफर
महेश केवट ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में विभिन्न दायित्व निभाए। वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव के दौरान संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें और जिले के 18 अन्य कार्यकर्ताओं को छह वर्षों के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था।
हालांकि बाद में पार्टी ने उन्हें पुनः संगठन में शामिल किया और हाल ही में मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया और अब उनका उच्च सदन तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
जिलेभर में जश्न का माहौल
महेश केवट के राज्यसभा सदस्य बनने की संभावना के बाद निवाड़ी जिले सहित बुंदेलखंड क्षेत्र में खुशी का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर उत्सव मनाया जा रहा है। एक सामान्य कार्यकर्ता से राज्यसभा तक पहुंचने की उनकी राजनीतिक यात्रा इन दिनों प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।

