कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने संभाग-जिलों में होंगे कृषि नवाचार संवाद



भोपाल। मध्यप्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने और युवाओं को आधुनिक खेती तथा कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने के लिए संभाग एवं जिला स्तर पर कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और सरकार का लक्ष्य खेती को किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में हर गांव तक स्वच्छ पेयजल और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
युवाओं को आधुनिक कृषि से जोड़ने पर जोर
डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। युवा नई तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्रों, उद्यानिकी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा कृषि आधारित उद्यमिता को अपनाकर खेती में नई संभावनाएं तलाश सकते हैं। कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय प्रारंभ किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसान पॉलीहाउस, वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग और अन्य कृषि आधारित उद्यम शुरू कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कम भूमि में अधिक लाभ के लिए उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पॉलीहाउस में फूलों की खेती, मशरूम फार्मिंग, पर्ल फार्मिंग और मधुमक्खी पालन जैसे कार्य युवा कम लागत में शुरू कर सकते हैं।
पशुपालन और मत्स्य पालन से बढ़ेगी आमदनी
मुख्यमंत्री ने किसानों से बहुफसलीय खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को भी अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश में दूध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है और इसे अग्रणी राज्य बनाने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है।
प्रदेश में प्रतिवर्ष एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत लगभग 43 लाख रुपये की लागत से 25 गायों की डेयरी स्थापित करने पर सरकार द्वारा 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी प्रदेश में उपलब्ध तालाबों और जलाशयों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। मछली बीज उत्पादन के लिए प्रदेश में तीन हैचरियां प्रारंभ की गई हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे।
किसानों के हित में लिए जा रहे निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। गेहूं की एमएसपी खरीदी के साथ बोनस का लाभ दिया गया है, जबकि सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया गया है।
उन्होंने किसानों से एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसलीय और वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील की। सरकार ने इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में प्रारंभ किया है, जिसमें कृषि के साथ फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सहित कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी, फैकल्टी सदस्य, कृषि वैज्ञानिक, कृषि स्टार्टअप प्रतिनिधि, युवा सरपंच, शोधकर्ता और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा एवं कृषि प्रभावक उपस्थित रहे।