गांधी जयंती पर ओरछा से गूंजी जलवायु संरक्षण की आवाज, युवाओं ने शुरू की साइकिल यात्रा
10 अक्टूबर को बक्सवाहा के बड़गढ़ धाम में होगा यात्रा का समापन, गांव-गांव पहुंचकर जलवायु परिवर्तन पर करेंगे जनसंवाद

ओरछा, 2 अक्टूबर 2026। बदलते मौसम, बढ़ती गर्मी, अनियमित बारिश और जल संकट के प्रति युवाओं एवं ग्रामीण समुदायों को जागरूक करने के उद्देश्य से गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को ओरछा के कंचना घाट से ‘युवा जलवायु परिवर्तन संदेश साइकिल यात्रा’ का शुभारंभ हुआ। यात्रा को निवाड़ी जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. रायसिंह नरवरिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा का नेतृत्व जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. संजय सिंह कर रहे हैं।
यह साइकिल यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होकर विभिन्न गांवों और क्षेत्रों से गुजरते हुए 10 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के बक्सवाहा स्थित बड़गढ़ धाम में संपन्न होगी। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को जल, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों से जोड़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद के माध्यम से स्थानीय स्तर पर संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना है।
जलवायु परिवर्तन का असर अब गांवों तक
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया ने कहा कि बदलते मौसम का प्रभाव अब हमारे आसपास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जल और पर्यावरण के संरक्षण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश दिया।
यात्रा से जुड़े आयोजकों के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का बदलता स्वरूप खेती और ग्रामीण जीवन को प्रभावित कर रहा है। बुंदेलखंड में भीषण गर्मी, पानी की कमी और अनियमित वर्षा जैसी परिस्थितियां ग्रामीण समुदायों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसका असर फसलों, जल स्रोतों और ग्रामीण आजीविका पर भी देखने को मिल रहा है।
Gen Z युवाओं की होगी सक्रिय भागीदारी
इस यात्रा में नई पीढ़ी और Gen Z युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। साइकिल यात्री गांवों तक पहुंचकर किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद करेंगे। इस दौरान अनियमित वर्षा, बढ़ती गर्मी, सूखा, जल संकट, फसलों पर मौसम के प्रभाव और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
यात्रा से जुड़े युवाओं का कहना है कि जलवायु परिवर्तन अब केवल किताबों और चर्चाओं का विषय नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव गांवों, खेती, पानी और रोजमर्रा के जीवन में दिखाई दे रहा है। इसलिए युवाओं को समस्या को समझने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर समाधान के प्रयासों में भी भागीदारी करनी होगी।
जल संरक्षण से लेकर प्राकृतिक खेती तक पर होगी चर्चा
साइकिल यात्रा के दौरान ग्रामीण समुदायों के साथ वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का संरक्षण, मिट्टी में नमी बनाए रखने, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल और मौसम के अनुरूप कृषि पद्धतियों जैसे विषयों पर संवाद किया जाएगा।
पहले दिन साइकिल यात्री ओरछा के कंचना घाट से रवाना होकर मड़ोर और पठारी होते हुए गणेशपुरा पहुंचेंगे, जहां यात्रा का पड़ाव रहेगा। इसके बाद यात्रा विभिन्न गांवों से गुजरते हुए आगे बढ़ेगी और 10 अक्टूबर को बक्सवाहा के बड़गढ़ धाम में इसका समापन होगा।
‘युवा कदम बढ़ाएं, पर्यावरण बचाएं’ संदेश के साथ शुरू हुई यह यात्रा युवाओं को पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जोड़ने के साथ गांव-गांव जनसंवाद का माध्यम बनेगी। यात्रा के माध्यम से स्थानीय समुदायों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति जागरूक करते हुए संरक्षण के प्रयासों में सहभागिता का संदेश दिया जा रहा है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष अनिल यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।