
निवाड़ी। मूसलाधार बारिश के दौरान 26 अगस्त को नाले के तेज बहाव में बही 8 वर्षीय मासूम अवंतिका कुशवाहा का छह दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। घटना के बाद शुरू किया गया रेस्क्यू अभियान शुरुआती दिनों में सक्रिय रहा, लेकिन मासूम का पता नहीं चलने से प्रशासन की रेस्क्यू व्यवस्था और कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया गया है कि 26 अगस्त को अवंतिका कुशवाहा अपने पिता संतोष कुशवाहा के साथ खेत की ओर जा रही थी। इसी दौरान नाले को पार करते समय वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई। घटना की जानकारी तत्काल डायल 112 सहित पुलिस और प्रशासन को दी गई थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बाद भी मदद समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने स्वयं बच्ची को बचाने और तलाशने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। बाद में प्रशासन द्वारा रेस्क्यू टीम की मदद से खोज अभियान शुरू कराया गया।
दूसरे जिले से बुलानी पड़ी रेस्क्यू टीम
कांग्रेस ने घटना के बाद से ही प्रशासन की तैयारियों और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि निवाड़ी जिले में पर्याप्त गोताखोरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण दूसरे जिले से रेस्क्यू टीम बुलानी पड़ी। टीम के पहुंचने और अभियान शुरू होने तक काफी समय निकल चुका था।
कांग्रेस का कहना है कि घटना के बाद लगभग दो दिनों तक बच्ची की तलाश के लिए अभियान सक्रिय रूप से चलाया गया, लेकिन इसके बाद खोज अभियान की गति को लेकर सवाल उठने लगे। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की प्राथमिकताएं अन्य कार्यक्रमों और आयोजनों की ओर केंद्रित हो गईं।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक को लेकर भी आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ओरछा में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्य समिति की बैठक सहित अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं में अधिकारी व्यस्त रहे, जिसके कारण अवंतिका की तलाश को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल सकी। पार्टी ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए खोज अभियान को फिर से पूरी क्षमता के साथ चलाने की मांग की है।
हालांकि प्रशासन की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छह दिन बाद भी परिजनों की उम्मीद बरकरार
घटना को अब छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन नाले में बही मासूम अवंतिका का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। बच्ची के परिजन लगातार उसकी तलाश किए जाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर चिंता और आक्रोश बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तेज बारिश और उफनते नदी-नालों के दौरान जिले में मजबूत रेस्क्यू व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। फिलहाल छह दिन बाद भी अवंतिका का पता नहीं चलना प्रशासन और रेस्क्यू व्यवस्था के सामने बड़ा सवाल बना हुआ है।

