उज्जैन। बाबा महाकाल की पावन धरती उज्जैन में दो वर्ष बाद आयोजित होने जा रहे सिंहस्थ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्राकट्य दिवस के अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि बाबा महाकाल की धरती उज्जैन में दो वर्ष बाद सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है। यह धर्मसभा इंद्र की सभा जैसी भव्य प्रतीत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने धर्मसभा में उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं का प्रदेश सरकार की ओर से अभिनंदन करते हुए कहा कि इस धर्मसभा से जनकल्याण का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर विशेष रूप से कार्य कर रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के माध्यम से मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि को एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
महाकाल लोक के बाद बढ़ा धार्मिक पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। पहले जहां उज्जैन में लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं पिछले वर्ष करीब 8 करोड़ लोगों ने उज्जैन की यात्रा की।
उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में धार्मिक पर्यटन का विस्तार हो रहा है और उज्जैन भी इसका महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। सिंहस्थ के आयोजन से उज्जैन सहित पूरे मध्यप्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।

