
ओरछा। बुंदेलखंड की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें मंच प्रदान करने के उद्देश्य से बुंदेलखंड प्रतिभा सम्मान समारोह के तृतीय संस्करण का आयोजन झांसी के दीनदयाल सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बुंदेलखंड की विभिन्न प्रतिभाओं ने अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिन्हें आयोजन समिति की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ओरछा निवासी समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार अनूप खरे के संयोजन में किया गया।
समारोह में मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह मुख्य अतिथि रहे, जबकि राज्यसभा सांसद महेश केवट ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में बुंदेलखंड क्षेत्र के ख्याति प्राप्त कलाकारों सहित झांसी जिले की छोटी-छोटी बालिकाओं ने मनमोहक एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। आयोजन समिति की ओर से प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
मुख्य अतिथि अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह आयोजन सराहनीय प्रयास है। बुंदेलखंड की धरती शौर्य, स्वाभिमान और शहादत की भूमि रही है। इसी धरती पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने की है। अनूप खरे द्वारा प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की कोई भी प्रतिभा यदि किसी क्षेत्र में आगे बढ़ रही है तो समाज का दायित्व है कि उसका सहयोग और उत्साहवर्धन किया जाए। उन्होंने प्रतिभाओं को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बुंदेली संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने पर जोर
समारोह में ओरछा के वरिष्ठ पत्रकार एवं झांसी को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले ओमप्रकाश दुबे ने बुंदेली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी बुंदेली संस्कृति पर गर्व होना चाहिए और बुंदेली को उसकी मूल पहचान के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने बुंदेली गायिका कविता शर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि बुंदेली गीतों में आधुनिक वाद्य यंत्रों के बढ़ते प्रयोग के स्थान पर पारंपरिक बुंदेली वाद्य यंत्रों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बुंदेली रचनाकारों और कलाकारों को उनकी पहचान एवं उचित श्रेय दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बुंदेलखंड की प्रतिभाओं को आगे लाने का प्रयास सराहनीय
समारोह में निवाड़ी जिले के वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश खरे ने कहा कि बुंदेलखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की माटी में जन्मे श्री सिंह ने अपनी कार्यक्षमता से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया गया प्रतिभा सम्मान समारोह सराहनीय पहल है।
इस अवसर पर संजीव श्रृंगी, ऋषि राहुल रिछारिया, प्रज्वल यादव, रजनी गुप्ता सहित बुंदेलखंड क्षेत्र के कलाकार, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

