मिट्टी की गणेश प्रतिमा से सजेगा गणेशोत्सव, पर्यावरण संरक्षण का भी मिलेगा संदेश
‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान के जरिए इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं को अपनाने की अपील

भोपाल। गणेशोत्सव को आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस वर्ष ‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान शुरू किया गया है। अभियान के माध्यम से नागरिकों से प्रकृति के अनुकूल गणेशोत्सव मनाने और मिट्टी से निर्मित पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील की जा रही है।
शासन द्वारा जारी जागरूकता पोस्टर के माध्यम से नागरिकों से आग्रह किया गया है कि गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा का भी संकल्प लें। अभियान का उद्देश्य प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) तथा रासायनिक रंगों से निर्मित प्रतिमाओं के स्थान पर मिट्टी से बनी प्रतिमाओं के उपयोग को बढ़ावा देना है।
जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने पर जोर
अभियान के तहत मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया जा रहा है, ताकि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में प्रदूषण को कम किया जा सके। शासन का प्रयास है कि परंपरा और धार्मिक आस्था को बनाए रखते हुए गणेशोत्सव को पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित बनाया जाए।
क्यूआर कोड से मिलेगी अभियान की जानकारी
‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान से संबंधित जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए शासन द्वारा पोस्टर पर क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराया गया है। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
जनसंपर्क विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब सहित सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य प्रदेशभर में पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को इस पहल से जोड़ना है।