रैपिड किट से मौके पर होगी दूध में मिलावट की जांच, खाद्य विभाग ने किसानों को दिया प्रशिक्षण
शुद्ध दूध की ओर कदम: रैपिड किट से किसानों को दिया जांच का डेमो

निवाड़ी। जिले में उपभोक्ताओं को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर जमुना भिड़े के निर्देशन में विभाग द्वारा दूध की शुद्धता की जांच के लिए रैपिड मिल्क टेस्ट किट का उपयोग शुरू किया गया है।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार वर्मा ने कछयाऊ स्थित दुग्ध अवशीतन केंद्र, मेहसाणा जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड (दूध सागर) एवं मेसर्स दूध गंगा फूड्स, लडवारी में किसानों को रैपिड मिल्क टेस्ट किट का डेमोस्ट्रेशन दिया। इस दौरान किसानों को दूध में होने वाली विभिन्न प्रकार की मिलावट की मौके पर जांच करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित वर्मा ने बताया कि रैपिड टेस्ट किट के माध्यम से दूध में सुक्रोज, नमक, यूरिया, ग्लूकोज सहित अन्य मिलावटी तत्वों की जांच तत्काल मौके पर की जा सकती है। डेमोस्ट्रेशन के दौरान लिए गए सभी दूध के सैंपलों की जांच की गई, जिनके परिणाम किट के माध्यम से सही पाए गए।

उन्होंने बताया कि भविष्य में दूध की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए रैपिड किट के माध्यम से ऑन द स्पॉट जांच को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे दूध में मिलावट की स्थिति का तत्काल पता लगाया जा सकेगा और उपभोक्ताओं को भी जांच के परिणाम शीघ्र उपलब्ध हो सकेंगे। आयुक्त खाद्य सुरक्षा (CFS) भोपाल द्वारा भी रैपिड किट के माध्यम से दूध की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा किसानों को शुद्ध दूध उत्पादन, स्वच्छता एवं दूध के उचित भंडारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश और सलाह भी दी गई।