सांकेतिक भाषा में बच्चों ने कलेक्टर से किया संवाद, प्रस्तुत की वर्णमाला और गिनती
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर जिला मुख्यालय में हुआ विशेष आयोजन, दिव्यांग बच्चों को बांटी गई शैक्षिक सामग्री

निवाड़ी। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में दिव्यांग (मूक-बधिर) बच्चों के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ सांकेतिक भाषा दिवस मनाया और उनकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री स्वाति सिंह ने दिव्यांग बच्चों का पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया। इसके बाद बच्चों को शैक्षिक सामग्री (स्टडी मटेरियल) भेंट की गई। अधिकारियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर के साथ सांकेतिक भाषा में किया संवाद
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिव्यांग बच्चों और कलेक्टर के बीच सांकेतिक भाषा में हुआ संवाद रहा। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सांकेतिक भाषा के माध्यम से कलेक्टर से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सांकेतिक भाषा में वर्णमाला और गिनती प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, अभिभावकों और नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में समावेशिता और समानता को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषा केवल हाथों के इशारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति का सशक्त, सुंदर और समृद्ध माध्यम है।
उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि सांकेतिक भाषा में अल्फाबेट और गिनती की प्रस्तुति उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती है। दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा से किसी भी मायने में पीछे नहीं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि समाज उनकी भाषा को समझे, उनके लिए अवसर उपलब्ध कराए और ऐसा वातावरण तैयार करे, जिसमें वे अपनी क्षमताओं को पूरी तरह विकसित कर सकें।
शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का निरंतर प्रयास रहेगा कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए आवश्यक संसाधन सहजता से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने समाज में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और समान अवसर की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के आयोजन में समाज कल्याण विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर आर.एस. शिक्षा समाज कल्याण समिति के सचिव श्री राकेश पचौरी, मोबाइल रिसोर्स कॉर्डिनेटर श्री हरिविष्णु तिवारी एवं श्री लखन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।