
निवाड़ी। जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में इन दिनों व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। परिसर को व्यवस्थित, स्वच्छ एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया गया है। वहीं वाहन पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है और अधिवक्ताओं के बैठने वाले शेड के सामने भी पौधारोपण कर परिसर को हरियाली से परिपूर्ण किया जा रहा है।
न्यायालय परिसर में वर्षों पूर्व निर्मित बाउंड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाई गई है। साथ ही बाउंड्री पर स्टील का आकर्षक दरवाजा लगाया गया है। परिसर की पहचान को बेहतर स्वरूप देने के लिए व्यवहार न्यायालय का सुंदर बोर्ड भी लगाया गया है। बाउंड्री के बाहर भी पौधारोपण कर उनकी देखभाल की जा रही है। इन कार्यों के चलते न्यायालय परिसर का स्वरूप पहले की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित और आकर्षक नजर आने लगा है।
नीलकंठेश्वर मंदिर का हुआ जीर्णोद्धार
न्यायालय परिसर में करीब 20 से 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 वाचस्पति मिश्रा के प्रयासों एवं अधिवक्ताओं के सहयोग से श्री नीलकंठेश्वर मंदिर का निर्माण कराया गया था। बाद में प्रथम अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश सतीश गुप्ता के कार्यकाल में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया, जिसके बाद मंदिर को नया एवं आकर्षक स्वरूप मिला है।
14 माह से प्रतिदिन हो रहा पंचाभिषेक
मंदिर में पिछले लगभग 14 माह से लगातार प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का पंचाभिषेक किया जा रहा है। नियमित पूजा-अर्चना एवं पंचाभिषेक से न्यायालय परिसर में आध्यात्मिक वातावरण भी बना हुआ है। न्यायालय परिसर के सौंदर्यीकरण, हरियाली और व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधार से यहां आने वाले अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आमजन को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो रहा है।

