
भाजपा जिला कार्यसमिति की दूसरी सूची भी बनी चर्चा का विषय
पहली सूची के बाद अब दूसरी सूची पर सवाल, कुछ नामों को लेकर पार्टी नेताओं में असमंजस
निवाड़ी। भारतीय जनता पार्टी जिला संगठन द्वारा जिला कार्यसमिति की दूसरी सूची जारी कर दी गई है। 14 सितंबर को जारी इस सूची में 51 नाम शामिल किए गए हैं। इससे पहले 5 सितंबर को जिला कार्यसमिति की 88 नामों वाली पहली सूची जारी की गई थी। दोनों सूचियों को लेकर अब पार्टी के अंदर ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पहली सूची जारी होने के बाद भी भाजपा नेताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए थे। पार्टी नेताओं का कहना था कि जिला कार्यसमिति की सूची में संगठन के जिला पदाधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि सामान्य तौर पर जिला संगठन के पदाधिकारी कार्यसमिति की सूची का हिस्सा नहीं होते। इसके अलावा पहली सूची में ऐसे नाम भी शामिल होने की चर्चा रही, जिन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
दूसरी सूची में व्यापारियों के नाम होने की चर्चा
अब दूसरी सूची जारी होने के बाद भी भाजपा नेताओं के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं का दावा है कि दूसरी सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनका सक्रिय राजनीति से कोई प्रत्यक्ष जुड़ाव नहीं रहा है। सूची में शामिल एक व्यापारी ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि उनका न तो राजनीति से कोई सरोकार है और न ही वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं। उन्हें सूची जारी होने के बाद ही जानकारी मिली कि उनका नाम भाजपा जिला कार्यसमिति में शामिल किया गया है।
इसी तरह कुछ अन्य लोगों द्वारा भी यह कहे जाने की बात सामने आई है कि उन्हें सूची जारी होने के बाद ही पता चला कि उनका नाम भाजपा जिला कार्यसमिति में शामिल किया गया है।
पहली या दूसरी सूची, कौन सी मानी जाए सही?
जिला कार्यसमिति की दो अलग-अलग सूचियां जारी होने के बाद भाजपा के कई नेता असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं। नेताओं के बीच यह सवाल चर्चा में है कि 5 सितंबर को जारी 88 नामों वाली पहली सूची को अधिकृत माना जाए, 14 सितंबर को जारी 51 नामों वाली दूसरी सूची को या फिर दोनों सूचियों को मिलाकर जिला कार्यसमिति की अंतिम सूची माना जाए।
गौरतलब है कि पहली सूची 5 सितंबर को जारी की गई थी और इसके दो दिन बाद 7 सितंबर को जिला कार्यसमिति की बैठक भी आयोजित की गई थी। पहली सूची में जिला संगठन के पदाधिकारियों के नाम शामिल होने को लेकर पार्टी के अंदर ही सवाल उठे थे। कुछ नेताओं ने जिला प्रभारी और संभाग प्रभारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे।
अब दूसरी सूची जारी होने के बाद एक बार फिर भाजपा जिला संगठन की कार्यप्रणाली चर्चा में आ गई है। हालांकि दोनों सूचियों को लेकर संगठन की ओर से आधिकारिक रूप से क्या स्थिति है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें अब जिला कार्यसमिति की अंतिम और अधिकृत सूची पर टिकी हुई हैं।

