
निवाड़ी। जिले के सेंदरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढिमरपुरा में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज हजारों ग्रामीणों ने गुरुवार को सिंदूर सागर तालाब के जलभराव क्षेत्र में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन की शव यात्रा भी निकाली। ग्रामीणों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से सिंदूर सागर तालाब का पानी गांव में भर रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर जल निकासी की व्यवस्था किए जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि हाल में हुई अत्यधिक बारिश के कारण सिंदूर सागर तालाब का जलस्तर काफी बढ़ गया है। तालाब से पानी की निकासी नहीं होने के कारण पिछले कई दिनों से गांव के विभिन्न हिस्सों में जलभराव बना हुआ है। जलभराव के चलते कई मकानों को नुकसान पहुंचा है और कुछ मकान धराशायी भी हुए हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि मकान गिरने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
जलभराव के कारण ग्रामीणों के सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर उनके मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खेतों में पानी भरने से फसलें भी खराब हो रही हैं। इससे किसानों के सामने जीवन-यापन का संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्या पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शव यात्रा निकाली। इसके बाद ग्रामीण सिंदूर सागर तालाब के जलभराव क्षेत्र में पहुंच गए और जल में उतरकर विरोध जताया।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक गांव में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता और पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

