
निवाड़ी। देश को वर्ष 2030 तक टीबी (क्षय रोग) से मुक्त करने के लक्ष्य के तहत गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर पर ‘जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त भारत अभियान’ की जोश टीम का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत देश के 29 राज्यों के 55 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें निवाड़ी जिला भी शामिल है। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में अभियान के शुभारंभ का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जेपी नड्डा की मौजूदगी में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिले की 29 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम को मंच से सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश पटेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर नापित, सीएमएचओ डॉ. अनिल झांमनानी, बीएमओ डॉ. आरसी मलारया सहित स्वास्थ्य विभाग एवं भाजपा संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पृथ्वीपुर के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर अमित श्रीवास्तव ने किया।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ जिला स्तरीय आयोजन
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर शुरू हो गया, जबकि निवाड़ी में जिला स्तरीय आयोजन राष्ट्रीय कार्यक्रम के समापन के बाद शुरू किया गया। इसे लेकर कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल यादव ने भी कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में बार-बार बदलाव से सरपंच संघ अध्यक्ष नाराज
सम्मान समारोह के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा में बार-बार बदलाव किए जाने को लेकर सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं सिंदूर सागर ग्राम पंचायत के सरपंच शैलेंद्र तिवारी ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरपंच भी जनप्रतिनिधि हैं। पहले उन्हें सम्मान के लिए मंच पर बुलाने की बात कही जाती है और बाद में कार्यक्रम में बदलाव कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम शुरू करने से पहले उसकी रूपरेखा तय कर लेनी चाहिए, ताकि इस तरह की स्थिति निर्मित न हो।
स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम संचालक ने हस्तक्षेप कर कार्यक्रम को व्यवस्थित किया और इसके बाद टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के सम्मान का क्रम जारी रखा गया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों के सम्मान के दौरान भी क्रम एवं पद की गरिमा के अनुरूप व्यवस्था नहीं होने को लेकर भाजपा संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई।
निवाड़ी की 29 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
वर्ष 2030 तक भारत को टीबी मुक्त करने के लक्ष्य के तहत निवाड़ी जिले की 29 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें निवाड़ी विकासखंड की 20 तथा पृथ्वीपुर विकासखंड की 9 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
निवाड़ी विकासखंड की टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों में असाटी, अस्तारी, बहेरा, बपरोली, बांसवान, भीतरी, बिहारीपुरा, बिजौर, चकरपुर, देवरी नायक, घूघसी खास, गुर्जरा कला, जमुनिया खास, कैना, लडवारी, मडोर, मकारा, पूछी करगुवा, सिंदूर सागर एवं थौना शामिल हैं।
इसी प्रकार पृथ्वीपुर विकासखंड की बिरोरा खेत, गेलवारा खास, जेरा खास, खिस्टोन, मनिया, मुड़ेनी, पपावनी, सिया खास एवं सिनोनिया खास ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
अभियान का उद्देश्य टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करना, समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वर्ष 2030 तक देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करना है।

