निवाड़ी में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सख्ती, 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य

निवाड़ी में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सख्ती, 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य
ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस सहित वैधानिक लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश, हर माह 15 तारीख तक भेजनी होगी अनुपालन रिपोर्ट

निवाड़ी। जिले में शासकीय विभागों एवं संस्थाओं में आउटसोर्स और ठेका व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान तथा श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले वैधानिक लाभ सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। कार्यालय श्रम पदाधिकारी, जिला निवाड़ी द्वारा जिले के समस्त शासकीय विभागों, निगमों, मंडलों, प्राधिकरणों एवं संस्थाओं के कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रत्येक माह का वेतन आगामी माह की अधिकतम 7 तारीख तक उनके बैंक खातों में अंतरित किया जाए। इसके साथ ही वेतन भुगतान और भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा संबंधी अंशदान जमा करने की मासिक अनुपालन रिपोर्ट आगामी माह की 15 तारीख तक श्रम कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
श्रम कानूनों का पालन करना होगा अनिवार्य
श्रम पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में ठेका श्रम (विनियमन एवं उत्सादन) अधिनियम, 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948, वेतन संदाय अधिनियम, 1936, कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 तथा बोनस संदाय अधिनियम, 1965 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों को उनकी कार्य प्रकृति एवं श्रेणी के आधार पर शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। वेतन से किसी भी प्रकार की अनधिकृत कटौती नहीं की जाए तथा प्रत्येक कर्मचारी को वेतन और वैधानिक कटौतियों का विवरण दर्शाने वाली वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए।
ठेका एजेंसियों के साथ विभागों की भी होगी जिम्मेदारी
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 50 या उससे अधिक ठेका श्रमिक नियोजित करने वाले संबंधित शासकीय विभागों एवं संस्थाओं के लिए मुख्य नियोजक के रूप में पंजीयन आवश्यक है। वहीं, आउटसोर्स एजेंसियों के पास नियमानुसार वैध श्रम ठेका लाइसेंस होना चाहिए।
यदि संबंधित एजेंसी निर्धारित समय-सीमा में वेतन का भुगतान नहीं करती है अथवा कर्मचारियों को कम वेतन देती है, तो बकाया वेतन के भुगतान का अंतिम वैधानिक दायित्व मुख्य नियोजक पर होगा। ऐसे में विभागों एवं संस्थाओं को केवल एजेंसी के भरोसे नहीं रहकर कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन और अन्य लाभों की नियमित निगरानी करनी होगी।
ईपीएफ-ईएसआईसी और बोनस का भुगतान सुनिश्चित करें
निर्देशों में पात्र कर्मचारियों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) अंशदान को नियमानुसार जमा कराने तथा ईपीएफ की इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) और चालान का सत्यापन करने को कहा गया है। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का अंशदान जमा कराना और नियमानुसार वैधानिक बोनस का भुगतान सुनिश्चित करना भी संबंधित एजेंसियों एवं विभागों की जिम्मेदारी होगी।
एजेंसियों के बिल भुगतान से पहले दस्तावेजों की जांच जरूरी
श्रम पदाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि आउटसोर्स एजेंसियों के मासिक देयकों का भुगतान करने से पहले कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन हस्तांतरण का विवरण, ईपीएफ चालान एवं ईसीआर, ईएसआईसी चालान तथा वेतन पर्चियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि एजेंसियां कर्मचारियों को निर्धारित वेतन देने के साथ सामाजिक सुरक्षा संबंधी दायित्वों का भी पालन कर रही हैं।
लापरवाही मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई
श्रम विभाग ने यह भी निर्देशित किया है कि यदि किसी आउटसोर्स एजेंसी द्वारा समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जाता है या श्रम नियमों के उल्लंघन का कोई मामला सामने आता है, तो इसकी सूचना तत्काल कार्यालय श्रम पदाधिकारी, निवाड़ी को दी जाए, ताकि संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
इन निर्देशों का उद्देश्य आउटसोर्स एवं ठेका व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान में पारदर्शिता लाना, श्रम कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना और उन्हें उनके अधिकारों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभ उपलब्ध कराना है।