मूल्यांकन व्यवस्था मजबूत करने भोपाल में प्रशिक्षित हुए निवाड़ी के आठ शिक्षक

मूल्यांकन व्यवस्था मजबूत करने भोपाल में प्रशिक्षित हुए निवाड़ी के आठ शिक्षक
30 दिवसीय प्रशिक्षण के पांच चरणों में सीखेंगे आकलन की आधुनिक तकनीकें, जिले में असेसमेंट सेल के गठन की तैयारी

निवाड़ी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का बेहतर आकलन करने और मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में निवाड़ी जिले के आठ चयनित शिक्षकों ने भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण में सहभागिता की। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक जिले में मूल्यांकन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार प्रदेश के चयनित शिक्षकों को पांच चरणों में 30 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना है। इसमें शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों, साक्ष्य आधारित आकलन, प्रभावी प्रश्नपत्र निर्माण तथा विद्यार्थियों के सीखने के प्रतिफलों के आधार पर मूल्यांकन करने की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को आकलन से प्राप्त परिणामों का विश्लेषण करने, विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए सुधारात्मक रणनीतियां तैयार करने की तकनीकें भी सिखाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षताओं को बेहतर बनाना और शिक्षण प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।
इन आठ शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
निवाड़ी जिले से प्रशिक्षण के लिए चयनित शिक्षकों में कविता मिश्रा, महेश कुमार राय, मुकेश कुमार दुबे, उमाशंकर अहिरवार, मुकेश कुमार गुप्ता, हेमवती नंदन नायक, नरेंद्र कुमार वर्मा और बालूराम कुशवाहा शामिल हैं। ये शिक्षक विभिन्न विषयों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें डीकेआरजी (DKRG) एवं मेंटर टीचर (MT) के रूप में चयनित शिक्षक प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का उपयोग जिले की मूल्यांकन व्यवस्था को बेहतर बनाने में करेंगे।
जिला स्तर पर असेसमेंट सेल के गठन की पहल
जिले में असेसमेंट सेल के गठन की दिशा में भी पहल की जा रही है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी, मूल्यांकन परिणामों का व्यवस्थित विश्लेषण और शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक आधुनिक आकलन पद्धतियों को अपनाकर जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाने में योगदान देंगे।