

निवाड़ी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संघ स्थल पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के साथ हुआ। इसके बाद अमृत वचन, एकल गीत एवं शस्त्र पूजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जिला प्रचारक मनोज जी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने बौद्धिक में संघ की विचारधारा, राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों से नियमित रूप से शाखा में उपस्थित रहने का आह्वान किया।
जिला प्रचारक मनोज जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। संघ विश्व का सबसे बड़ा अनुशासित संगठन है, जिसे समाज ने भी स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए स्वयंसेवकों ने अपना बलिदान दिया है। संघ का उद्देश्य केवल स्वयं के लिए कार्य करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग राष्ट्रहित में अपने व्यक्तिगत हितों का त्याग करने के लिए तैयार होते हैं, तब संघ का कार्य और अधिक व्यापक रूप लेता है। एक घंटे की शाखा में पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, कर्तव्यबोध, नागरिक शिष्टाचार और स्वबोध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया जाता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से प्रतिदिन शाखा में उपस्थित होकर संघ कार्य को मजबूत बनाने की अपील की।
जिला प्रचारक ने संत रविदास जयंती को उत्साहपूर्वक मनाने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ द्वारा वंदे मातरम् और गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती जैसे अवसरों को भी उत्साह के साथ मनाया गया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों का स्मरण कराते हुए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ के हजारों स्वयंसेवकों को जेल में भेजा गया था। इसी तरह आपातकाल के दौरान भी बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को जेल में बंद किया गया। उन्होंने संघ के प्रति समर्पण और दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों को संघ से कुछ लेने की भावना के बजाय संघ और समाज को अपना योगदान देने वाला बनना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने शस्त्र पूजन किया। इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, सह नगर कार्यवाह रूपेश सिंह दांगी, पुष्पेंद्र यादव, अजय यादव, बाबूलाल, रोहित, सुजीत दुबे, अंकित शर्मा, देवेश नायक, मुकेश दांगी, डॉ. मैथिली शरण गुप्ता, आशीष त्रिपाठी, महेश अहिरवार, हर्षवर्धन चतुर्वेदी, नीरज तिवारी, नीरेंद्र सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

