
निवाड़ी। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सजग युवा शक्ति संगठन की टीम ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में राशन दुकानों का निरीक्षण कर आठ पंचायतों की दुकानें बंद मिलने का दावा किया है। संगठन ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराने की मांग की है।
संगठन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत झिंगौरा, कुलुआ, नयाखेरा, बिल्ट, राजापुर, बिहारीपुरा, कैना और टीला की उचित मूल्य की दुकानें बंद मिलीं। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों ने टीम को बताया कि संबंधित दुकानें महीने में केवल एक या दो दिन ही खुलती हैं। इसके कारण कई पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं मिल पाता। कुछ ग्रामीणों ने वितरित किए जा रहे राशन की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत भी की।
पात्र हितग्राहियों को राशन देना दुकानदारों की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वहीं, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 और राज्य सरकार के संबंधित नियमों के अनुसार उचित मूल्य की दुकानों का निर्धारित समय पर संचालन तथा पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण सुनिश्चित करना आवश्यक है। यदि जांच में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
संगठन ने कहा कि राशन दुकानों के बंद रहने और खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी पात्र हितग्राही को उसके निर्धारित राशन से वंचित न रहना पड़े।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग
सजग युवा शक्ति संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित दुकानों के संचालन की जांच कराई जाए और शिकायतें सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन ने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, दुकानों के नियमित संचालन और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
निरीक्षण के दौरान संगठन के कोषाध्यक्ष संतराम अहिरवार, सचिव लेखराज पाल, गोविंद रैकवार, तिलकराज सुमन, दीपक परिहार, मिथुन अहिरवार, सूरज चौधरी, प्रेम निषाद, अंकित सैनी, पवन अहिरवार, मनोज डीएनडी, निर्मल कश्यप, रामरतन अहिरवार, भवानी शंकर प्रजापति, भान सिंह केवट, धर्मेंद्र कुशवाहा, स्वदेश बोधन, विशाल कुशवाहा, दीपक राजपूत और कौशल कुशवाहा सहित संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
संगठन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाना है। ऐसे में दुकानों का नियमित संचालन और शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करना आवश्यक है।

