

निवाड़ी। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आगामी फरवरी 2027 से प्रस्तावित जनसंख्या गणना की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनगणना कार्य निदेशालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, उनके दायित्वों तथा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) पोर्टल के संचालन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनसंख्या गणना के कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा में संपन्न कराना है।
प्रशिक्षण में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े, संयुक्त निदेशक जनगणना श्री नमित यादव, अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री इकबाल मोहम्मद, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला जनगणना अधिकारी श्री अनिल कुमार तलैया, डिप्टी कलेक्टर एवं चार्ज अधिकारी निवाड़ी तहसील सुश्री स्वाति सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर श्री पवन मिश्रा एवं श्री निगम शांति दुबे ने प्रशिक्षण प्रदान किया।
अधिकारियों-कर्मचारियों को समझाए दायित्व
प्रशिक्षण के दौरान चार्ज अधिकारियों, प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और तकनीकी सहायकों को जनगणना कार्य से संबंधित जिम्मेदारियों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इसमें जिला जनगणना अधिकारी, ग्रामीण क्षेत्रों के चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक और तकनीकी सहायकों ने सहभागिता की। अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना के प्रत्येक चरण में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना और पोर्टल पर आवश्यक जानकारियां समय पर दर्ज करना महत्वपूर्ण है।
सीएमएमएस पोर्टल से होगा जनगणना कार्य का प्रबंधन
प्रशिक्षण में सीएमएमएस पोर्टल के चार्ज ऑफिसर लॉगिन के अंतर्गत उपलब्ध जनसंख्या गणना प्रबंधन मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके माध्यम से पर्यवेक्षी सर्कल का निर्माण, पर्यवेक्षकों एवं गणना ब्लॉकों का आवंटन, नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र तैयार करने तथा आरक्षित प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रबंधन की प्रक्रिया समझाई गई।
इसके अलावा गणना ब्लॉकों को विभाजित करने, सब-ईबी तैयार करने और परिवारों को प्रगणकों को आवंटित करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि सभी आवश्यक परिवारों का आवंटन पूरा होने के बाद ही संबंधित गणना ब्लॉक को फ्रीज किया जाना चाहिए। पोर्टल पर यह प्रक्रिया अपरिवर्तनीय होने के कारण इसे सावधानीपूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
800 से अधिक आबादी वाले ब्लॉक हो सकेंगे विभाजित
प्रशिक्षण में गणना ब्लॉकों के गठन और सीमाओं से संबंधित दिशा-निर्देश भी समझाए गए। बताया गया कि प्रथम चरण में तैयार किए गए मकान सूचीकरण ब्लॉकों (एचएलबी) को सामान्यतः जनसंख्या गणना के दौरान गणना ब्लॉक (ईबी) के रूप में मान्य किया जाएगा।
यदि किसी मकान सूचीकरण ब्लॉक की जनसंख्या 800 से अधिक होती है, तो उसकी बाहरी सीमा को यथावत रखते हुए उसे दो या अधिक उप-गणना ब्लॉकों में विभाजित किया जा सकेगा। प्रथम चरण में छूटे हुए किसी क्षेत्र को निकटतम उप-गणना ब्लॉक में शामिल करने की प्रक्रिया भी बताई गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि ब्लॉक का विभाजन उसकी मूल सीमा के भीतर ही किया जाएगा तथा दो या अधिक मकान सूचीकरण ब्लॉकों को मिलाकर नया गणना ब्लॉक नहीं बनाया जा सकेगा।
प्रशिक्षण प्रबंधन और रिपोर्टिंग की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान सीएमएमएस पोर्टल के प्रशिक्षण प्रबंधन मॉड्यूल के बारे में भी बताया गया। इसमें प्रशिक्षण बैच बनाने, प्रशिक्षण की तिथि एवं समय निर्धारित करने, प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण स्थलों का विवरण दर्ज करने तथा प्रशिक्षण की प्रगति को पोर्टल पर अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई गई।
इसके अलावा गणना ब्लॉक से संबंधित विवरण, संशोधित मकान सूची, ग्राम एवं नगर रजिस्टर, चार्ज रजिस्टर, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र तथा गणक और पर्यवेक्षक मानचित्र अपलोड करने की जानकारी दी गई।
जनगणना के आंकड़ों की गोपनीयता पर दिया जोर
प्रशिक्षण में जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की गोपनीयता के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जनगणना के आंकड़ों को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखा जाता है तथा उन्हें किसी न्यायालय या अन्य प्रकरण में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
फरवरी 2027 से प्रस्तावित है जनसंख्या गणना
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 से प्रस्तावित है। इस दौरान नागरिकों से 40 प्रश्न पूछे जाने की जानकारी दी गई। ये प्रश्न आयु, वैवाहिक एवं पारिवारिक स्थिति, राष्ट्रीयता, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, शिक्षा, प्रवास और प्रजनन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित होंगे।
जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करने के साथ विकास योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर नियोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया, ताकि आगामी जनसंख्या गणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

