डिवाइडर निर्माण के लिए रखे लोहे के जाल से टकराया पिकअप, वाहन क्षतिग्रस्त

डिवाइडर निर्माण के लिए रखे लोहे के जाल से टकराया पिकअप, वाहन क्षतिग्रस्त

निवाड़ी। रेलवे स्टेशन से अंबेडकर तिराहा बाईपास तक सड़क पर चल रहे डिवाइडर निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार रात एक पिकअप वाहन लोहे के जाल से टकरा गया। हादसा ओरछा विपणन सहकारी समिति कार्यालय के सामने हुआ। दुर्घटना में पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। क्षतिग्रस्त वाहन को दूसरे वाहन की मदद से लोहे के जाल से बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 93 टीई 1726 पृथ्वीपुर की ओर से आ रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी के कारण चालक को सड़क पर डिवाइडर निर्माण के लिए रखा लोहे का जाल दिखाई नहीं दिया। इससे पिकअप सीधे जाल से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा।
संकरी सड़क और संकेतकों की कमी बनी परेशानी
रेलवे स्टेशन से अंबेडकर तिराहा बाईपास तक डिवाइडर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में ओरछा विपणन सहकारी समिति कार्यालय के सामने निर्माण कार्य प्रगतिरत है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण होने के कारण मार्ग की चौड़ाई काफी कम हो गई है। ऐसे में निर्माण सामग्री सड़क पर रखे होने से वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिकअप चालक का कहना है कि निर्माण कार्य स्थल पर कहीं भी ऐसा संकेतक नहीं लगाया गया था, जिससे रात के समय वाहन चालकों को सड़क पर रखे लोहे के जाल की जानकारी मिल सके। सामने से आ रहे वाहन की तेज लाइट के कारण जाल दिखाई नहीं दिया और वाहन उससे टकरा गया।
अतिक्रमण नहीं हटाया तो बढ़ सकता है दुर्घटनाओं का खतरा
शुक्रवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने भी सड़क की कम चौड़ाई और निर्माण स्थल पर सुरक्षा संकेतकों की कमी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाए बिना डिवाइडर निर्माण कार्य जारी रहा, तो भविष्य में भी इस तरह की दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क पर रखी निर्माण सामग्री के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने, रात के समय स्पष्ट संकेतक लगाने और सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए अतिक्रमण हटाने की मांग की है, ताकि वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।