
निवाड़ी। जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में संयुक्त जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान कुल 89 आवेदनों पर सुनवाई कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहन सक्सेना, एसडीएम अशोक कुमार सेन, डिप्टी कलेक्टर अनिल कुमार तलैया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पृथ्वीपुर के आवेदकों से किया संवाद
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने पृथ्वीपुर तहसील कार्यालय में आयोजित खंडस्तरीय जनसुनवाई में उपस्थित आवेदकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने आवेदकों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, पृथ्वीपुर तहसील कार्यालय में एसडीएम सुश्री विनीता जैन ने आवेदकों की शिकायतें सुनकर उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
आवेदनों को औपचारिकता न समझें अधिकारी
कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही और अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का निराकरण तत्काल संभव है, उनमें मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाए। वहीं, जिन मामलों में जांच या अन्य औपचारिकताओं की जरूरत है, उनमें समय-सीमा तय कर कार्रवाई पूरी की जाए। अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवेदकों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
सीमांकन, नामांतरण और पेंशन से जुड़े आवेदन पहुंचे
जनसुनवाई के दौरान सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, पेंशन, आवास, अतिक्रमण हटाने और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्र निराकरण करने तथा आवेदकों को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके और नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान न होना पड़े।

