DMF फंड से जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार, कलेक्टर ने दिए निर्देश

DMF फंड से जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार, कलेक्टर ने दिए निर्देश
स्कूलों और आंगनवाड़ियों के सुधार कार्यों को प्राथमिकता, खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर

निवाड़ी। जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) की राशि से कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में DMF फंड से स्वीकृत, प्रगतिरत एवं निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए नए विकास कार्यों के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरोज राय, सांसद प्रतिनिधि श्री राजेश पटेरिया, जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर सुश्री मनीषा जैन, जिला खनिज अधिकारी श्री अजय मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया ने कहा कि DMF फंड से मिलने वाली राशि का उपयोग पूरी योजना और प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी निर्माण कार्य को स्वीकृति देने से पहले उसकी आवश्यकता, उपयोगिता और प्रस्तावित लागत की समीक्षा की जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करते समय क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों और जनहित को प्राथमिकता दी जाए।
वहीं, कलेक्टर जमुना भिड़े ने स्कूलों और आंगनवाड़ियों के सुधार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में DMF राशि से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति और नवीन प्रस्तावों की जानकारी प्रस्तुत की।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा जिन परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि DMF फंड की राशि का उपयोग पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से हो, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों सहित जिले के ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंच सके।