जेरोन में जनता ने वापस ली अध्यक्ष की कुर्सी, कुसुम पस्तोर को लगा बड़ा झटका

जेरोन में जनता ने वापस ली अध्यक्ष की कुर्सी, कुसुम पस्तोर को लगा बड़ा झटका
466 मतों से खाली कुर्सी के पक्ष में आया जनादेश, पति ने कांग्रेस के ही नेताओं पर लगाया भीतरघात का आरोप

निवाड़ी। जेरोन खालसा नगर परिषद की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर हो गया। नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर को कुर्सी बचाने में नाकामी हाथ लगी। अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए हुए निर्वाचन में खाली कुर्सी के पक्ष में अधिक मतदान हुआ। मतगणना में खाली कुर्सी को 466 वोटों की निर्णायक बढ़त मिली। इस परिणाम के साथ ही कुसुम पस्तोर का अध्यक्ष पद समाप्त हो गया।
अध्यक्ष के खिलाफ नगर परिषद के 12 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद 4 नवंबर को नगर परिषद क्षेत्र में खाली कुर्सी और भरी कुर्सी के पक्ष में मतदान कराया गया। शुक्रवार को पृथ्वीपुर स्थित शासकीय महाविद्यालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना हुई, जिसमें अध्यक्ष को हटाने के पक्ष में मतदाताओं ने अपना स्पष्ट समर्थन जताया।
भरी कुर्सी के मुकाबले खाली कुर्सी को मिले ज्यादा वोट
नगर परिषद क्षेत्र में कुल 7 हजार 799 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 4 हजार 798 मतदाताओं ने मतदान किया था। मतगणना के दौरान खाली कुर्सी के पक्ष में 2 हजार 633 मत प्राप्त हुए, जबकि भरी कुर्सी के समर्थन में 2 हजार 167 वोट पड़े। इस प्रकार अध्यक्ष को हटाने के पक्ष में 466 वोट अधिक मिले। रिटर्निंग अधिकारी एवं पृथ्वीपुर एसडीएम वंदना जैन ने परिणाम की आधिकारिक घोषणा की।
अपनों पर ही उठाए सवाल, कांग्रेस में भितरघात की चर्चा
निर्वाचन में हार के बाद कुसुम पस्तोर के पति मातादीन पस्तोर ने कांग्रेस के कुछ नेताओं और पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कांग्रेस से अध्यक्ष होने के बावजूद पार्टी के ही कुछ लोगों ने साथ देने के बजाय विरोधी खेमे का समर्थन किया। उन्होंने इसे पार्टी के भीतर भितरघात बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, उन्होंने शांतिपूर्ण निर्वाचन संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना भी की।
स्थानीय राजनीति में बढ़ी सरगर्मी
जेरोन नगर परिषद के इस नतीजे के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अध्यक्ष की कुर्सी जाने के साथ ही कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी सवालों के घेरे में आ गई है। मातादीन पस्तोर के आरोपों ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। फिलहाल कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।